जेएसएससी सीजीएल और मैं

 परसो परीक्षा है Jssc Cgl का और मैं विगत दो वर्षो से इसी परीक्षा की तैयारी कर रहा था, इसके कारण मैं दिल्ली नहीं गया इसी परीक्षा के लिए खोरठा और झारखंड में रुचि बढ़ी इसी परीक्षा के कारण मैंने अपना समय सिर्फ Jssc cgl पे झोख दिया किन्तु विगत चार बार परीक्षा कैंसल होने से मन ऊब चुका था गत दुर्गा पुजा के समय जब परीक्षा रद्द हुई तो मुझे लगा की अब परीक्षा नही होगी मैंने तैयारी छोड़ दी फिर दिसंबर में पुनः परीक्षा के आयोजन होने की तिथि जारी हुई चुकी मुझे पहले ही ज्ञात था की इस बार भी परीक्षा कैंसल होगी और हुआ भी बिल्कुल वैसा ही परीक्षा कैंसल हो गई, जनवरी में झारखंड की राजनीति करवट लेने लगी ईडी सीबीआई आईटी और फिर सरफराज अहमद जी का इस्तीफा देने से लगा मानो झारखंड की राजनीति करवट लेने वाली है इसी बीच छात्रों का आन्दोलन राज्य की राजधानी में हुई आंदोलन में छात्रों का गुस्सा उबाल पे था इस उबाल का प्रभाव चुनावी मौसम में न दिखे ऐसे में नए तिथि की घोषणा हुई 28 जनवरी और 4 फरवरी को परीक्षा लेने पे सहमती बनी और दो दिन पहले एडमिट कार्ड डाउनलोड कर मैं रांची आ गया उदास मन और अथाह गम की दुनिया में डूबे हुए cgl से ऊब चुका मैं पुनः अपने जंग लगे पढ़ाई के इंजन में जान फूकने का प्रायस करने लगा एका एक ऐसा लगने लगा जैसे क्या पढ़ू ये पढ़ू की वो पढ़ू झारखंड पढ़ू की खोरठा पढ़ू प्रेटिस सेट मारू या गत वर्ष के प्रश्न के प्रश्न को देख लूं इतने सारे प्रश्न जब मस्तिक में चलने लगा तो मैने निर्णय न पढ़ने का ही लिया नए चीजों को दिमाग में लोड करने से बेहतर होगा पुराने सामग्रियों से ही काम चलाया जाए पता नही क्यों किंतु फिर भी अंदर से ऐसा आभास हो रहा है कि प्रश्न पत्र लीक भी हो सकते है हालाकि हाल ही में प्रतियोगिता परीक्षा से संबधित पास हुए एक कानून ऐसे कृत्य न होने के लेकर ही बनाए गए है किन्तु झारखंड की परीक्षा आयोजन के एतिहासिक पृष्टभूमि को देखते हुए मैंने ऐसा अनुमान लगाया, अंदर से हज़ार प्रश्न एक साथ मेरे मास्तिक में घूम रहा की अगर ऐसी तैयारी के साथ परीक्षा देना था तो फिर ऐसी तैयारी मैं महज दो दिनो में भी कर सकता था फिर मैंने दो साल का समय क्यों लिया बेहरहल परसो परीक्षा है और मेरा परीक्षा केंद्र हजारीबाग में दिया गया है कल वहां जाकर ₹2000 फूक आऊंगा और चुपचाप बैठकर शांत से खुद को कोसूंगा मुझे खुद यकीन नहीं हो रहा की परीक्षा का आयोजन हो रहा और मेरी तैयारी नगण्य है, ऐसे ही एक परिक्षा 14 फरवरी को भी है उस दिन भी ₹2000 फूकने जमशेदपुर जाऊंगा पता नही आखिर कब अपने कैरियर को लेकर सजग और जिम्मेदार बनूंगा अपने जीवन काल के 24 वे वर्ष में प्रवेश कर चुका हूं इसी वर्ष में कुछ करने का इरादा रखते हुए अपनी पंक्ति में पूर्ण विराम के साथ इस लेख को समाप्त कर रहा हूं।

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