papu yadav (one man army)
शरीर से थुलथुल जरूर हैं पप्पू यादव...
मगर इरादों के नेक हैं । पप्पू जी(आप भले ही चुनाव हार गए हो किन्तु आज आपने करोड़ो लोगो का दिल जीत लिया है) की जितनी प्रशंसा की जाए कम होगी ।
तभी तो भीषण बाढ़ में खुद एनडीआरएफ बने हुए हैं,जिस बाढ़ के पानी मे उपमुख्यमंत्री महोदय को घर से NDRF की टीम रेस्क्यू करती है उसी पानी मे अस्वस्थ पप्पू यादव मदद के लिए अकेले आगे आ रहे है।पप्पू यादव के इस सेवा भाव ने अन्य राजनेता को यह संदेश दिया है कि राजनीति मे हार और जीत उतना मायने नही रखता है अगर आप राजनीति मे जनसेवा करने आए है तो आपको अवसर पर अवसर मिलेगा किन्तु अगर आपकी महत्वाकांक्षा कुछ और है तो जनता हर बार आपको अवसर नही देगी ।जहा बिहार मे बाढ़ पर भी राजनीतिक दलो के बीच राजनीतिक बयान बाजी हो रही है वही दूसरी तरफ पप्पू यादव जनसेवा मे लगे हुए है,वैसे तो बिहार मे राजनेताओ की कमी नही है किन्तु सेवा भाव और जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेताओ की कमी अवश्य है अन्य नेताओ को पप्पू यादव से सीख लेनी चाहिए तस्वीर भी वर्तमान समय मे साफ बया कर रही है आखिर कितने राजनेता बाढ़ पीड़ितो से मिलने गए आखिर कितने राजनेताओ ने सेवा भाव दिखाया?जो सेवा भाव पप्पू यादव देखा रहे है वह सराहनीय है पैसे, सत्ता, कुर्सी के इस दौर में , सियासत की ऐसी तस्वीर उम्मीद जगाती है. विचारधारा, धर्म, पंथ, जाति से ऊपर उठकर हमें ऐसे पहल का सम्मान करना चाहिए. राजनीति के ऐसे स्वरूप का हमें हौसला बढ़ाना चाहिए. मां दुर्गा से यही प्रार्थना करूंगा कि आप जल्द स्वस्थ हो। लगता है लालू जी के दोनों सुपुत्र भस्मासुर बनकर ही रहेंगे शायद इसीलिए वे अभी तक जनता के बीच नही आए है।
manish (deoghariya)
Comments
Post a Comment