जामताड़ा और साइबर क्राइम



 जामताड़ा इलाके का करमाटांड आम गांवों से थोड़ा हटकर है। अब आप सोच रहे होंगे कि हम ऐसा क्यों कह रहे हैं। दरअसल ये गांव न तो किसी दाऊद इब्राहिम से नहीं जुड़ा है न ही किसी अबू सलेम से । ये गांव किसी खास गिरोह से भी नहीं जुड़ा हुआ है। इस गांव में पुलिस की टीम शायद ही दस्तक देती थी। लेकिन अब इस गांव की पहचान बदल चुकी है। साइबर क्राइम की वजह से ये गांव अब बदनाम है। लेकिन इस गांव की कुछ खासियत भी रही है। ये बात अलग है कि जिस गांव को देश की मशहूर शख्सियतों में से एक ईश्वर चंद विद्यासागर ने अपनी कर्मभूमि रही अब वहां पुलिस वाले अक्सर दस्तक देते रहते हैं।
ईश्‍वर चंद्र विद्यासागर का नाम सुनते ही जहां लोगों का मन श्रद्धा से भर जाता है, वहीं उनकी कर्मभूमि रही जामताड़ा जिले के करमाटांड की धरती को आज साइबर अपराधियों ने कलंकित कर दिया है। ईश्‍वर चंद्र उच्चकोटि के विद्वान थे। उनकी विद्वता के कारण ही उन्हें विद्दासागर की उपाधि दी गई थी। वे नारी शिक्षा के समर्थक थे। उनके प्रयास से ही कोलकाता समेत अन्य स्थानों पर बहुत अधिक बालिका विद्यालयों की स्थापना हुई।
करमाटांड़ की इस धरती पर ही ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने आदिवासी व महिला समाज के लिए अपने जीवन को समर्पित कर दिया था। उन्‍होंने अपने जीवन का 18 वर्ष करमाटांड़ में बिताया। उनकी इस कर्मभूमि पर नारी शिक्षा का यह हाल होगा, यह अकल्‍पनीय सा है।
शुरूआत डकैत और चोरों से हुई फिर उनकी जगह दूसरी जेनरेशन ने ली जो एक का डबल मोबाइल रिचार्ज किया करते थे फिर उन्हें रिप्लेस किया आज के युवा ने जो तकनीकी शिक्षा के अभाव में भी साइबर क्राइम की दुनिया में महारत हासिल कि और करोड़पति और लखपति बन गए बस एक फोन कॉल के जरिए।यह सारा काम घर के एक कोने या फिर जंगलों में पूरी पलटन के साथ मिलकर बैठकर बस एक फोन के जरिए चंड मिनट में उनके अकाउंट से पैसे गायब कर खुद के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर लेते है,बस युवाओं को और क्या चाइए इतनी कम उम्र में ठाठ वाली जिदंगी पैसे की कोई कमी नहीं दो पहिया,चार और बारह पहिया गाड़ी आलीशान मकान और जो कसर छू ट जाती है वह आसनसोल जाकर पूरा हो जाती है,क्या मंत्री क्या संसद, क्या आम आदमी ,क्या मुख्यमंत्री के रिश्तेदार और क्या अमिताभ बच्चन सारे कोई जामताड़ा के साइबर क्राइम से वाक़िफ और शिकार हो चुके है,: इनका कनेक्शन कॉल सेंटर,फ्लिपकार्ट के डिस्ट्रीब्यूटर इत्यादि से है यही लोग इन्नलोगो को फोन नंबर मुहैया करते है और फिर आगे क्या होता आपको पता है ।खेर नेटफ्लिक्स में जामताड़ा के साइबर क्राइम को अच्छे तरीके से फिल्माया गया है हालाकि इसमें तोड़ा मिर्च मसाला डाला गया है किन्तु कहानी बिल्कुल सही दर्शाया गया है ।

मनीष आर्या
शुभ रात्रि

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